Paid-up Policy क्या होती है?2026 में ,Premium बंद होने पर फायदे और नुकसान

Paid-up Policy क्या होती है? Life Insurance Guide 2026

Paid-up Policy क्या होती है और Premium बंद होने पर Life Insurance Policy पर क्या असर पड़ता है
Paid-up Policy में Premium बंद करने के बाद Policy के Benefits और Life Cover कैसे बदल सकते हैं, जानें पूरी जानकारी।


जब आप कोई पारंपरिक जीवन बीमा पॉलिसी (जैसे एंडोमेंट या मनी-बैक प्लान) खरीदते हैं, तो आपको एक निश्चित अवधि तक नियमित रूप से प्रीमियम जमा करना होता है। 

हालांकि, जीवन में कई बार आर्थिक तंगी, नौकरी में बदलाव या अन्य प्राथमिकताओं के कारण पॉलिसीधारक समय पर प्रीमियम भरने में असमर्थ हो जाते हैं। 

ऐसी स्थिति में पॉलिसीधारक के पास तीन विकल्प होते हैं पॉलिसी को लैप्स होने देना, उसे सरेंडर (Surrender) करना या उसे Paid-up Policy में बदलना।

Life Insurance Paid-up Policy*l एक ऐसी महत्वपूर्ण सुविधा है जो आपकी पॉलिसी को पूरी तरह खत्म होने से बचाती है। 

यह उन पॉलिसीधारकों के लिए वरदान साबित होती है जो आगे प्रीमियम नहीं चुका सकते, लेकिन यह भी चाहते हैं कि उनका अब तक जमा किया गया पैसा और जीवन सुरक्षा (Life Cover) पूरी तरह बेकार न जाए। 

इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि Paid-up Policy meaning in Hindi, इसकी calculation कैसे होती है, इसके फायदे-नुकसान क्या हैं और IRDAI के नियम इस बारे में क्या कहते हैं।

📌 Featured Snippet: Paid-up Policy क्या होती है?

Paid-up Policy एक ऐसी जीवन बीमा पॉलिसी है जिसमें पॉलिसीधारक न्यूनतम आवश्यक अवधि तक प्रीमियम जमा करने के बाद आगे प्रीमियम देना बंद कर देता है। इसके बाद पॉलिसी की स्थिति और लाभ पॉलिसी के नियमों के अनुसार बदल सकते हैं।

Paid-up Sum Assured:
पात्र होने पर मूल बीमा राशि घटकर एक कम बीमा राशि बन सकती है, जिसे Paid-up Sum Assured कहा जाता है।

यानी भविष्य के प्रीमियम बंद होने के बावजूद, पात्र पॉलिसी में कुछ बीमा लाभ जारी रह सकते हैं। हालांकि वास्तविक Paid-up Value, आवश्यक प्रीमियम अवधि और मिलने वाले लाभ पॉलिसी के प्रकार, दस्तावेज और बीमा कंपनी की शर्तों पर निर्भर करते हैं।

⚠️ ध्यान दें: सभी Life Insurance Policies में Paid-up के नियम समान नहीं होते। Premium बंद करने से पहले अपनी Policy Document और Insurer की Terms जरूर जांचें।

Paid-up Policy क्या है और कैसे काम करती है?

Paid-up Policy कैसे काम करती है, इसे समझना बहुत आसान है। जब आप किसी पारंपरिक नॉन-लिंक्ड लाइफ इंश्योरेंस प्लान में प्रीमियम देना बंद कर देते हैं, तो बीमा कंपनी पॉलिसी को तुरंत रद्द नहीं करती। 

यदि आपने न्यूनतम अवधि तक प्रीमियम भरा है, तो पॉलिसी स्वचालित रूप से या आपके आवेदन पर "रिड्यूस्ड पेड-अप" (Reduced Paid-up) स्थिति में बदल जाती है।

इस प्रक्रिया में:

पॉलिसी का रिस्क कवर (Life Cover) पूरी तरह खत्म होने के बजाय कम हो जाता है।

भविष्य में आपको कोई नया प्रीमियम नहीं देना होता।

पॉलिसी मैच्योरिटी (Maturity) या पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर घटा हुआ लाभ (Paid-up Value) प्रदान किया जाता है।


Premium बंद करने पर Policy कब Paid-up होती है?

बीमा नियामक IRDAI (Insurance Regulatory and Development Authority of India) के दिशानिर्देशों और नीतिगत शर्तों के अनुसार, कोई भी पारंपरिक लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी तब तक पेड-अप नहीं बन सकती जब तक कि उसमें "Non-forfeiture" अधिकार लागू न हो जाएँ।

न्यूनतम प्रीमियम अवधि:

अधिकतर पारंपरिक पॉलिसियों में कम से कम 2 पूरे वर्षों (कुछ पुरानी पॉलिसियों में 3 वर्ष) का प्रीमियम जमा होना अनिवार्य है।

यदि 2 वर्ष से कम प्रीमियम भरा गया हो:

यदि आप पहली या दूसरी किस्त के बाद ही प्रीमियम देना बंद कर देते हैं, तो पॉलिसी लैप्स हो जाती है और कोई पेड-अप वैल्यू नहीं मिलती।

ग्रेस पीरियड (Grace Period): 

प्रीमियम की नियत तिथि (Due Date) बीत जाने के बाद 15 से 30 दिनों का ग्रेस पीरियड मिलता है । यदि इस दौरान भी प्रीमियम नहीं भरा जाता, तभी पॉलिसी पेड-अप स्थिति में जाती है।


Paid-up Value क्या होती है?

Paid-up Value क्या होती है?यह वह घटी हुई राशि है जो पॉलिसीधारक को मैच्योरिटी पर या उसकी मृत्यु की स्थिति में उसके नॉमिनी को मिलती है।

Paid-up Value में दो मुख्य घटक शामिल होते हैं:

1.Paid-up Sum Assured (घटी हुई बीमा राशि):

यह मूल सम एश्योर्ड का वह हिस्सा है जो चुकाए गए प्रीमियम के अनुपात में निकाला जाता है।

2.Vested Bonus (अर्जित बोनस):

प्रीमियम बंद करने की तारीख तक पॉलिसी में जुड़ा हुआ कुल गारंटेड या रिवरशरी बोनस।

🧮 Paid-up Value की सामान्य Calculation
Paid-up Sum Assured Formula
Paid-up Sum Assured = Original Sum Assured × (Premium Paid Years ÷ Total Premium Paying Years)
Paid-up Value:
Paid-up Value = Paid-up Sum Assured + Vested Bonus (यदि कोई हो)
📊 आसान उदाहरण
Original Sum Assured: ₹10,00,000
Total Premium Paying Years: 20 वर्ष
Premium Paid: 8 वर्ष
₹10,00,000 × (8 ÷ 20)
= ₹4,00,000

इस illustrative calculation के अनुसार Paid-up Sum Assured ₹4 लाख होगा। यदि policy के अनुसार कोई vested bonus लागू है, तो वह Paid-up Value में शामिल हो सकता है।

⚠️ महत्वपूर्ण: यह केवल समझाने के लिए सामान्य/illustrative formula है। वास्तविक Paid-up Value policy type, policy terms, bonus, guaranteed additions और insurer के नियमों के अनुसार अलग हो सकती है। अंतिम राशि के लिए अपना Policy Document और insurer की official calculation जरूर देखें।


Paid-up Value Calculation: Paid-up Sum Assured Formula

Paid-up Value Calculation में ₹10 लाख Sum Assured से ₹4 लाख Paid-up Sum Assured का उदाहरण
Paid-up Value की सामान्य Calculation: ₹10 लाख Sum Assured और 8/20 premium years के illustrative example के साथ।


📊 Paid-up Policy का आसान उदाहरण

मान लीजिए रमेश ने 20 साल की अवधि वाली एक Life Insurance Policy ली। उसने 5 साल तक Premium जमा करने के बाद आगे Premium देना बंद कर दिया।

📋 Policy की जानकारी
Original Sum Assured: ₹10,00,000 (10 लाख)
Total Premium Paying Term: 20 वर्ष
Annual Premium: ₹50,000
Premium Paid: 5 वर्ष
🧮 Paid-up Sum Assured की गणना
₹10,00,000 × (5 ÷ 20)
= ₹10,00,000 × 0.25
= ₹2,50,000
🎁 Vested Bonus:
मान लें कि Policy में ₹50,000 का vested bonus भी जुड़ा हुआ है।
💰 Illustrative Paid-up Value
Paid-up Sum Assured = ₹2,50,000
Vested Bonus = ₹50,000
₹2,50,000 + ₹50,000
= ₹3,00,000
👉 इसका मतलब: इस illustrative calculation में रमेश की Paid-up Sum Assured ₹2.50 लाख और vested bonus ₹50,000 है। आगे Premium न देने पर Policy में उपलब्ध लाभ Policy की शर्तों के अनुसार जारी रह सकते हैं।
⚠️ महत्वपूर्ण: यह केवल समझाने के लिए illustrative example है। वास्तविक Paid-up Value और Death/Maturity Benefit Policy के प्रकार, Policy Document, Bonus, Guaranteed Additions और Insurer के नियमों के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए Premium बंद करने से पहले अपनी Policy की official terms जरूर जांचें।


 Bonus और Guaranteed Additions का क्या प्रभाव होता है?

Bonus और Guaranteed Additions का निम्नलिखित प्रभाव होता है:

पुरानी अर्जित बोनस (Vested Bonus):

प्रीमियम बंद करने की तिथि से पहले तक जो भी बोनस आपकी पॉलिसी में जुड़ चुका है, वह पूरी तरह सुरक्षित रहता है और मैच्योरिटी या क्लेम के समय दिया जाता है।

भविष्य के बोनस (Future Bonuses):

एक बार पॉलिसी के Paid-up होने के बाद, पॉलिसी भविष्य में मिलने वाले किसी भी नए प्रॉफिट, पार्टिसिपेटिंग बोनस या गारंटेड एडिशन (Guaranteed Additions) की पात्र नहीं रहती।


Paid-up Policy के फायदे और नुकसान:

Paid-up Policy के निम्नलिखित फायदें और नुकसान है:

फायदे (Advantages):

Paid-up policy के निम्नलिखित फायदें है:

आर्थिक राहत:

आगे कोई भी प्रीमियम भरने की बाध्यता नहीं रहती।

लाइफ कवर बना रहता है:

पॉलिसी पूरी तरह खत्म नहीं होती, बल्कि घटे हुए सम एश्योर्ड के साथ सुरक्षा जारी रहती है।

पैसा डूबता नहीं:

लैप्स पॉलिसी की तरह आपका जमा किया गया पैसा बेकार नहीं जाता।

मैच्योरिटी बेनिफिट:

पॉलिसी की अवधि पूरी होने पर Paid-up Value का भुगतान किया जाता है।

पॉलिसी लोन सुविधा:

पात्र नॉन-लिंक्ड बचत पॉलिसियों में सरेंडर/पेड-अप वैल्यू के आधार पर लोन लिया जा सकता है।

नुकसान (Disadvantages):

Paid-up policy के निम्नलिखित नुकसान है:

बीमा कवर में कटौती:

जीवन सुरक्षा की राशि मूल सम एश्योर्ड से काफी कम हो जाती है।

भविष्य के बोनस का नुकसान:

नए बोनस जुड़ना बंद हो जाते हैं।

राइडर बेनिफिट्स का अंत:

एक्सीडेंटल डेथ, क्रिटिकल इलनेस जैसे अतिरिक्त राइडर्स आमतौर पर समाप्त हो जाते है।

लॉक्ड-इन फंड:

आपको आपका पैसा तुरंत नहीं मिलता; वह मैच्योरिटी तक बीमा कंपनी के पास ही रहता है।


Paid-up, Lapse और Surrender Policy में अंतर:

प्रीमियम न भरने की स्थिति में इन तीनों शब्दों का अर्थ जानना बेहद जरूरी है:

Lapse Policy:

जब न्यूनतम आवश्यक अवधि (जैसे 2 वर्ष) से पहले प्रीमियम रोक दिया जाता है, तो पॉलिसी बिना किसी लाभ के बंद हो जाती है और जमा पैसा डूब सकता है।

Paid-up Policy:

न्यूनतम अवधि के बाद प्रीमियम रोकने पर पॉलिसी घटे हुए बीमा कवर के साथ चालू रहती है और मैच्योरिटी पर पैसा मिलता है।

Surrender Policy:

पॉलिसी को मैच्योरिटी से पहले ही पूरी तरह से बंद करके तत्काल कैश वैल्यू (Surrender Value) वापस ले लेना।


क्या Paid-up Policy को Revive (पुनः चालू) किया जा सकता है?

हाँ, IRDAI के मास्टर सर्कुलर नियमों के अनुसार पॉलिसीधारक को पॉलिसी Revive(पुनः सक्रिय) करने का अवसर मिलता है।

रिवाइवल विंडो (Revival Window):

प्रथम अदत्त प्रीमियम (First Unpaid Premium) की तारीख से 3 वर्ष से 5 वर्ष की रिवाइवल अवधि के भीतर पॉलिसी को पुनर्जीवित किया जा सकता है ।

प्रक्रिया:

इसके लिए पॉलिसीधारक को बकाया सभी प्रीमियमों का भुगतान, बीमा कंपनी द्वारा निर्धारित ब्याज/शुल्क के साथ करना होता है और आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र जमा करना होता है।


Policyholder को Paid-up करने से पहले किन बातों की जांच करनी चाहिए?

प्रीमियम रोकने का निर्णय लेने से पहले निम्नलिखित बिंदुओं की समीक्षा अवश्य करें:

1.कम से कम न्यूनतम वर्ष पूरे हुए हैं या नहीं:

जांचें कि क्या आपने कम से कम 2 पूरे वर्षों का प्रीमियम जमा किया है।

2.प्रीमियम कम करने का विकल्प (Premium Reduction Option):

IRDAI नियमों के अनुसार, 5 साल के पूरे प्रीमियम भुगतान के बाद पॉलिसीधारक बीमाकर्ता की शर्तों के तहत मूल प्रीमियम को 50% तक कम करने का विकल्प भी चुन सकते हैं।

3.लाइफ कवर की आवश्यकता:

देखें कि क्या घटा हुआ रिस्क कवर आपके परिवार की वित्तीय सुरक्षा के लिए पर्याप्त है।

4.सरेंडर वैल्यू से तुलना:

जांचें कि आज सरेंडर करने पर कितना पैसा मिल रहा है और मैच्योरिटी पर पेड-अप वैल्यू कितनी मिलेगी।


Comparison Table: Paid-up vs Lapse vs Surrender:


📊 Paid-up vs Lapse vs Surrender Policy
तुलना का बिंदु Paid-up Policy Lapse Policy Surrender Policy
प्रीमियम भुगतान Premium भुगतान बंद किया जाता है। नियत समय पर Premium भुगतान रुक जाता है। Policy को surrender करके समाप्त किया जाता है।
न्यूनतम Premium आवश्यकता Policy की शर्तों के अनुसार आवश्यक न्यूनतम अवधि पूरी करनी होती है। आवश्यक अवधि पूरी न होने पर policy lapse हो सकती है। Surrender value के लिए लागू policy conditions पूरी होना जरूरी है।
Life Cover पात्र होने पर घटे हुए Paid-up Sum Assured के साथ जारी रह सकता है। सामान्यतः policy benefits समाप्त या सीमित हो सकते हैं, policy terms के अनुसार। Surrender के बाद सामान्यतः मूल Life Cover समाप्त हो जाता है।
भुगतान का समय Policy terms के अनुसार Maturity या Death Claim पर लागू benefit मिल सकता है। सामान्यतः कोई maturity benefit नहीं मिलता, लेकिन policy terms देखें। लागू Surrender Value मिलने पर policy समाप्त हो जाती है।
Future Bonus नए bonus की eligibility policy terms पर निर्भर करती है। सामान्यतः आगे bonus accrue नहीं होता। Surrender के बाद सामान्यतः आगे bonus accrue नहीं होता।
Revival उपलब्धता और शर्तें policy/insurer के नियमों पर निर्भर करती हैं। Grace period/Revival rules के अनुसार पुनः चालू किया जा सकता है। सामान्यतः surrender के बाद original policy को revive नहीं किया जा सकता।
⚠️ महत्वपूर्ण: Paid-up, Lapse, Surrender Value, Revival और Bonus के नियम policy type, policy document और insurer के terms के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी भी policy में premium बंद या surrender करने से पहले official policy document और insurer से applicable conditions की पुष्टि करें।

Paid-up vs Lapse vs Surrender Policy: क्या अंतर है
Paid-up vs Lapse vs Surrender Policy की तुलना और Life Insurance में अंतर
Paid-up, Lapse और Surrender Policy में Life Cover, Benefit, Bonus और Revival के मुख्य अंतर।


बीमा नियामक (IRDAI) के महत्वपूर्ण प्रावधान:


📘 सत्यापित नियामक दिशानिर्देश
IRDAI Master Circular 2024
💰 विशेष समर्पण मूल्य (Special Surrender Value - SSV)

IRDAI के Master Circular 2024 में विशेष समर्पण मूल्य (SSV) से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं। लागू पॉलिसी नियमों के अनुसार, बीमाकर्ता को यह सुनिश्चित करना होता है कि विशेष समर्पण मूल्य Paid-up Sum Assured और अर्जित लाभों के Present Value से संबंधित निर्धारित मानकों को पूरा करे।

📄 ग्राहक सूचना पत्रक (Customer Information Sheet - CIS)

जीवन बीमा पॉलिसी के साथ Customer Information Sheet (CIS) महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराता है। इसमें पॉलिसी के प्रमुख नियम, लाभ और लागू शर्तों की जानकारी दी जाती है, ताकि पॉलिसीधारक Paid-up, Lapse और Revival जैसे विकल्पों और उनके प्रभाव को समझ सके।

⚠️ महत्वपूर्ण नोट

SSV, Paid-up Value, Lapse और Revival से जुड़े वास्तविक लाभ एवं शर्तें संबंधित बीमा उत्पाद, पॉलिसी दस्तावेज़ और लागू IRDAI नियमों पर निर्भर करती हैं। किसी पॉलिसी को Surrender या Paid-up करने से पहले उसकी Policy Document और CIS में दी गई शर्तों को अवश्य जांचें।


Paid-up Policy का Illustrative Impact:


नीचे दिए गए कैलकुलेटर टूल की मदद से आप अपनी पॉलिसी का अनुमानित Paid-up Sum Assured कैलकुलेट कर सकते हैं:


📊 Paid-up Policy का Illustrative Impact

20 वर्ष की पॉलिसी में 8 वर्ष प्रीमियम भुगतान का उदाहरण

Original Sum Assured ₹1,00,00,000
100%
Paid-up Sum Assured ₹40,00,000
40%
🧮 Illustrative Calculation
₹1,00,00,000 × (8 ÷ 20)
= ₹40,00,000
20 वर्ष कुल Premium Paying Term   |   8 वर्ष Premium Paid   |   40% Illustrative Paid-up Ratio
⚠️ महत्वपूर्ण: यह केवल समझाने के लिए एक काल्पनिक उदाहरण है। वास्तविक Paid-up Sum Assured/Paid-up Value की गणना संबंधित पॉलिसी के नियम, उत्पाद की शर्तों, बोनस/गारंटीड लाभ और लागू नियामक प्रावधानों के अनुसार हो सकती है।

Paid-up Policy Calculator:

नीचे दिए गए कैलकुलेटर टूल की मदद से आप अपनी पॉलिसी का अनुमानित Paid-up Sum Assured कैलकुलेट कर सकते हैं:

🧮 Paid-up Policy Calculator
Illustrative Paid-up Value की गणना करें
⚠️ Disclaimer: यह कैलकुलेटर केवल शैक्षिक और illustrative purpose के लिए है। यहाँ इस्तेमाल किया गया pro-rata formula सभी life insurance policies पर लागू होना जरूरी नहीं है। वास्तविक Paid-up Sum Assured, Paid-up Value, bonus और अन्य लाभ आपकी policy document, product terms तथा लागू नियामकीय प्रावधानों के अनुसार निर्धारित होते हैं। अंतिम राशि के लिए अपने insurer से पुष्टि करें।

Practical Checklist for Policyholders:

प्रीमियम रोकने या अपनी पॉलिसी को Paid-up बनाने से पहले इस प्रैक्टिकल चेकलिस्ट का पालन करें:

✅ Paid-up Policy Checklist
Policy को Paid-up करने से पहले इन जरूरी बातों की जांच करें
Checklist Progress 0%
📋 शुरू करें: सभी जरूरी बिंदुओं की जांच करने के बाद ही Paid-up, Surrender या Revival से संबंधित निर्णय लें।
⚠️ महत्वपूर्ण: Paid-up Value, Surrender Value, Bonus, Death Benefit, Maturity Benefit और Revival की शर्तें पॉलिसी/उत्पाद के नियमों पर निर्भर करती हैं। किसी पुराने या सामान्य उदाहरण को अपनी पॉलिसी पर स्वतः लागू न मानें। अंतिम जानकारी के लिए Policy Document, CIS और insurer की आधिकारिक पुष्टि देखें।

निष्कर्ष:

Paid-up Policy उन पॉलिसीधारकों के लिए एक अत्यंत उपयोगी और सुरक्षात्मक विकल्प है जो विपरीत परिस्थितियों के कारण अपने जीवन बीमा का प्रीमियम जारी रखने में असमर्थ है। 

यह आपके अब तक के निवेश को लैप्स होने से बचाती है और आपके परिवार को एक न्यूनतम वित्तीय सुरक्षा घेरा प्रदान करती है। 

हालांकि, प्रीमियम रोकने का फैसला करने से पहले आपको यह समझ लेना चाहिए कि इससे आपका लाइफ कवर कम हो जाता है और भविष्य के बोनस मिलना बंद हो जाते हैं। 

इसलिए, पॉलिसी को पेड-अप करने से पहले बीमा कंपनी से स्टेटमेंट मांगें, अपनी वित्तीय जरूरतों का आकलन करें और यदि संभव हो तो पॉलिसी को चालू रखने या प्रीमियम कम (Premium Reduction) करने के विकल्पों पर विचार करें ।

अस्वीकरण (Official Disclaimer):

यह लेख केवल शैक्षणिक और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। जीवन बीमा पॉलिसियों के नियम, बोनस दरें और गैर-जब्ती शर्तें अलग-अलग बीमा कंपनियों और विशिष्ट उत्पादों के अनुसार बदल सकती हैं। 

कोई भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले अपने पॉलिसी दस्तावेज़ (Policy Document) को ध्यान से पढ़ें और अपने बीमाकर्ता (Insurer) के आधिकारिक नियमों की जांच अवश्य करें।

📚 स्रोत (Sources)



FAQs (बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न):

Q1. Paid-up Policy क्या है?

उत्तर: जब कोई पॉलिसीधारक आवश्यक न्यूनतम वर्षों तक प्रीमियम भरने के बाद आगे प्रीमियम चुकाना बंद कर देता है, तो उसकी पॉलिसी पूरी तरह बंद न होकर घटे हुए बीमा कवर के साथ चालू रहती है। इसे ही Paid-up Policy कहते हैं।

Q2. Paid-up और Lapse में क्या अंतर है?

उत्तर: लैप्स पॉलिसी में कोई बीमा कवर नहीं रहता और पैसा डूबने का जोखिम रहता है (यदि न्यूनतम अवधि पूरी न हुई हो)। जबकि Paid-up पॉलिसी में घटी हुई बीमा राशि के साथ लाइफ कवर और मैच्योरिटी बेनिफिट दोनों सुरक्षित रहते हैं।

Q3. क्या Paid-up होने के बाद पॉलिसी पर बोनस मिलता है?

उत्तर: नहीं, पॉलिसी के Paid-up होने के बाद भविष्य में कोई नया बोनस नहीं जुड़ता। हालांकि, प्रीमियम बंद होने की तारीख से पहले जो बोनस जुड़ चुका होता है, वह सुरक्षित रहता है।

Q4. क्या Paid-up Policy को बाद में Revive किया जा सकता है?

उत्तर: हाँ, IRDAI नियमों के तहत प्रथम अदत्त प्रीमियम से आमतौर पर 3 वर्षों की रिवाइवल अवधि मिलती है। आप बकाया प्रीमियम और ब्याज भरकर पॉलिसी को दोबारा पूर्ण रिस्क कवर के साथ चालू कर सकते हैं।

Q5. क्या Paid-up Policy को Surrender किया जा सकता है?

उत्तर: हाँ, यदि आपको तुरंत पैसों की आवश्यकता है, तो आप पेड-अप पॉलिसी को सरेंडर करके उसकी सरेंडर वैल्यू प्राप्त कर सकते हैं।

Q6. Paid-up value कैसे calculate होती है?

उत्तर: Paid-up Sum Assured = Original Sum Assured × (प्रीमियम भरे गए वर्ष ÷ कुल प्रीमियम वर्ष)। इसमें जमा बोनस जोड़कर कुल Paid-up Value निकलती है।

आप से सवाल:

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